तुम नहीं जानती
तुम्हे लगता है
साथी हो तुम
करे जो उजाला,
दिया बाती हो तुम
मगर
मेरी धड़कनों को जिंदा रखे
एक मुस्कुराती प्रेम पाती हो तुम ।
तुम्हे लगता है
जीवन संगिनी हो तुम
साथ चले जो हमेशा
अर्धांगिनी हो तुम
मगर
मेरे जीवन संगीत को जिंदा रखे
गुनगुनाती एक स्वरागिनी हो तुम ।
तुम्हे लगता है
मेरे जीवन की आस हो तुम
अंधेरा जो भगाए,
प्रकाश हो तुम
मगर
जीवन के अंधेरों में राह दिखाए
महकता एक खूबसूरत अहसास हो तुम
लव यू
Comments
Post a Comment