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Showing posts from February, 2019

मैं मुस्कुराया

मैं मुस्कुराया जब पहली बार कहीं दूर आकाश में एक ज्योति पुंज निकला मैं मुस्कुराया जब पहली बार जब भोर हुई हवाएँ चली और मौसम बदला | मैं मुसकुराया जब पहली बार मनमोहक मनोज ने मन ...

मैं मुस्कुराया

मैं मुस्कुराया जब पहली बार कहीं दूर आकाश में एक ज्योति पुंज निकला

विजयी अट्टहास

इधर लहू बहेगा चीत्कार उठेंगी सुहाग उजड़ेंगे चूड़े फूटेंगे और हम विजयी अट्टहास करेंगे | मासूमों का क्रंदन होगा विधवाओं का रोना होगा बेटियां बेसहारा होंगी और हम विजयी अट...

क्या कहने

वो भोली अल्हड़ मुस्कानों के क्या कहने खुलते मिचते पैमानों के क्या कहने यूँ तो आँखे अलसाई थी उनकी आज फना हुए इन परवानों के क्या कहने | नूर कभी जो इस चेहरे पर दिखता था चेहरा उन...