खाली बस खाली

आज कुछ खाली 7कि आप गन।के
 सा क्यों हओ8कबि
न के
ये बेचैनी , ये दर्द ,ये तकलीफ 
और ये चुभन 
जो आँखों से कुछ बूँद गिरी 
ये खाली और खाली होता गया 
इस खाली को भरने की कोशिश में 
सब कुछ खाली होता दिख रहा है, 
😥😥।L
lमोब
नज्झल

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